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नान घोटाला, रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला का नहीं हुआ सरेंडर, अब 22 सितंबर को फिर से होगी सुनवाई

 Newsbaji  |  Sep 20, 2025 10:01 AM  | 
Last Updated : Sep 20, 2025 10:06 AM
 रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ED की विशेष अदालत में सरेंडर पहुंचें थे।
रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ED की विशेष अदालत में सरेंडर पहुंचें थे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वर्ष 2015 में तत्कालीन भाजपा सरकार के दौरान हुए नान घोटाले में आरोपी बनाए गए, रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ED की विशेष अदालत में सरेंडर करने शुक्रवार को पहुंचे थे। लेकिन उनका सरेंडर नहीं हो सका। न्यायालय के समझ सरेंडर आवेदन पेश करने पर 22 सितंबर 2025 को पूरे मामले की सुनवाई होगी। 

दरअसल, गुरुवार को आलोक शुक्ला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे थे, जिस पर कोर्ट ने सरेंडर करवाने से इनकार कर उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया था कि, अभी तक सुप्रीम कोर्ट का आर्डर अपलोड नहीं हुआ है। पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर आएं, तब सरेंडर की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। 16 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने आलोक शुक्ला और अनिल टूटेजा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के साथ दो सप्ताह की कस्टोडियल और ज्यूडिशियल रिमांड का निर्देश दिया है। इसके बाद ED की टीम ने भिलाई के तालपुरी और हुडको में आलोक शुक्ला और ट्रांसपोर्टर सुधाकर राव के 10 से अधिक ठिकानों पर रेड मारी। तब से दोनों की गिरफ्तारी की चर्चा चल रही है।

इन पर हो चुका है एक्शन
EOW कस्टम मिलिंग घोटाले में मुख्य आरोपी पूर्व IAS अनिल टूटेजा और अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों इस समय शराब और कस्टम मिलिंग घोटाले में जेल में है। उक्त दोनों से पूछताछ में मिले साक्ष्य के आधार पर ही ED ने भिलाई में दबिश दी थी। 

जांच एजेंसियों के सूत्र के अनुसार, पूछताछ में कई अधिकारियों और मिलर्स की मिलीभगत कर कमीशनखोरी करने के अहम सुराग मिलें हैं। इस छापेमारी के बाद आलोक शुक्ला पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। कस्टम मिलिंग घोटाले में जेल भेजे गए मार्कफेड के तात्कालीन एम.डी मनोज सोनी और राइस मिल एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।

बहरहाल, वर्ष 2015 में उजागर हुए नान घोटाले में ACB और EWO ने नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के 20 परिसरों पर छापे मारे थे। इस दौरान 3.64 करोड़ रुपए नगद और घटिया गुणवत्ता का चावल-नमक जब्त किया गया था। मामले में पू्र्व IAS आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा समेत कई अधिकारी आरोपी बनाए गए।

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