रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले में विधायक देवेंद्र यादव को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW/ACB) ने नया नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 5 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
EOW के नोटिस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7A और 12 के साथ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 120-B, 384, 467, 468 और 471 का उल्लेख किया गया है। यह मामला अपराध क्रमांक 03/2024 से संबंधित बताया गया है।
अभियोग पत्र पेश करने की प्रक्रिया
नोटिस में कहा गया है कि, मामले में विवेचना के बाद अब अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाना है। यह अभियोग पत्र विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), जिला रायपुर के समक्ष पेश किया जाएगा। इसी प्रक्रिया के तहत विधायक देवेंद्र यादव को 5 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

28 सितंबर को भी हुई थी पूछताछ
इससे पहले 28 सितंबर 2026 को EOW/ACB ने देवेंद्र यादव को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद वे जांच एजेंसी के समक्ष पहुंचे थे, जहां उनसे कोल लेवी मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर कई घंटे तक पूछताछ की गई थी। अब एक बार फिर नोटिस जारी होने के बाद मामले में जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
किन धाराओं का है उल्लेख?
EOW के नोटिस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7A और 12 के अलावा IPC की धारा 420, 120-B, 384, 467, 468 और 471 का उल्लेख है। जांच एजेंसी की ओर से विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि, जांच में नाम होना, नोटिस मिलना या पूछताछ होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
अब निगाहें 5 अक्टूबर 2026 को होने वाली न्यायालयीन कार्रवाई पर टिकी हैं।
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