Sunday ,March 08, 2026
होमछत्तीसगढ़CBI का बड़ा खुलासा, Mains Paper का प्रश्न पत्र 01 वर्ष पहले ही निकाला गया, वर्ष 2021 की परीक्षा में हुआ इस्तेमाल...

CBI का बड़ा खुलासा, Mains Paper का प्रश्न पत्र 01 वर्ष पहले ही निकाला गया, वर्ष 2021 की परीक्षा में हुआ इस्तेमाल

 Newsbaji  |  Oct 03, 2025 10:56 AM  | 
Last Updated : Oct 03, 2025 10:56 AM
 छत्तीसगढ़ के PSC भर्ती परीक्षा-2021 के घोटालें में खुलासा-CBI
छत्तीसगढ़ के PSC भर्ती परीक्षा-2021 के घोटालें में खुलासा-CBI

रायपुर। छत्तीसगढ़ के PSC भर्ती परीक्षा-2021 के घोटालें को सुनियोजित ढंग से प्रश्न पत्र लीक कराकर किया गया था। पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के बेटे-बेटियों के लिए प्रश्न पत्र लीक कराने में टामन सिंह सोनवानी ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के साथ मिलकर चक्रव्यूह रचा था। CBI के आरोप पत्र के अनुसार CGPSC-2020 के लिए तैयार किए गए प्रश्न पत्र के एक सेट को आरती वासनिक ने पूरे एक वर्ष तक दबाकर रखा। सरकारी रिकॉर्ड में इसकी एंट्री नहीं हुई और बाद में उसी प्रश्न पत्र का इस्तेमाल CGPSC-2021 की मुख्य परीक्षा में किया गया।

CBI के आरोप पत्र के अनुसार, यह पेपर पहले से ही लीक हो चुका था। प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी टामन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों को पहले से थी। इसका पर्दाफाश उनके भतीजे विनीत खेवर और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई वाट्सएप चैटिंग से हुआ है। इसी चैटिंग के जरिए CBI ने अपनी जांच आगे बढ़ाई है। 

पूर्व CGPSC सचिव, जीवन किशोर ध्रुव ने अपने बेटे सुमित ध्रुव को प्रश्नपत्र और मॉडल उत्तर पहले ही उपलब्ध करा दिए, जिससे वह डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुआ। तलाशी में उनके घर से पेपर और उत्तरों की फोटोकॉपी मिली है। सोनवानी ने अपनी बहू मीशा कोसले और दीपा आदिल को भी इसका लाभ पहुंचाया है, वहीं नेहा और निखिल खलखो का चयन भी संदिग्ध पाया गया।

CBI को जांच में केवल CGPSC-2021 ही नहीं, बल्कि 05 वर्ष के भीतर हुई कई भर्ती परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक होने का पता चला है। CBI इसका जल्द ही राजफाश करेगी। वर्ष-2020 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र प्राप्त होने पर अध्यक्ष सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों, करीबियों तक इसे पहुंचाया। वर्ष 2021 की परीक्षा में सचिव जीवन किशोर ध्रुव के पुत्र सुमित ध्रुव डिप्टी कलेक्टर बने, जबकि सोनवानी ने अपने बेटे नितेश, बहू निशा कोसले, भतीजे साहिल सोनवानी, भाभी दीपा आडिल और अन्य को विभिन्न पदों पर चयनित करवाया।

CBI ने 15 जुलाई 2024 को ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर छापेमारी व तलाशी के दौरान वर्ष-2021 की मुख्य परीक्षा के पेपर नंबर सात और पेपर दो के अभ्यास उत्तर बरामद करने का उल्लेख भी आरोप पत्र में किया है। फिलहाल सभी आरोपित रायपुर जेल में बंद हैं।

खुला राज
CBI ने अभ्यर्थियों के घरों से हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव बरामद की। साथ ही, उनके और करीबियों के बैंक खातों की जांच की गई। PSC अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच 05 वर्ष की कॉल डिटेल और लोकेशन रिकार्ड खंगाले गए, ताकि पता चल सके कि परीक्षा के दौरान कितनी बार संपर्क हुआ और मुलाकातें हुईं। जांच टीम ने प्रश्नपत्र छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस एकेडी प्रिंटर्स पर भी छापा मारकर मालिक और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। यहां के संचालक अरुण कुमार द्विवेदी आरोपी अधिकारियों के संपर्क में रहे।

वहीं, पूर्व सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के साथ पिछले वर्षों में चयनित हुए अभ्यर्थियों के करीबियों से हुई बातचीत, वाट्सएप चैटिंग व अन्य पर जांच जारी है। अभी केवल टामन और जीवन किशोर ध्रुव के करीबियों के बारे में CBI ने पता की है। अब जांच की सुईं ललित गणवीर और आरती वासनिक समेत तत्कालीन समय में राज्यपाल के सचिव रहे अधिकारियों की भी चयनित अभ्यर्थियों से करीबी होने पर जांच की जी रही है। 

ये है विवाद
बता दे कि, वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 171 पदों के लिए 2565 अभ्यर्थी पास हुए। इसके बाद 26 से 29 मई 2022 तक हुई मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवार सफल रहें। अंतिम साक्षात्कार के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी हुई। इसके बाद गड़बड़ी, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे है। आरोप था कि योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर, प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत उच्च पदों पर चुना गया था।

इस पर तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक,बजरंग पावर एंड इस्पात के निदेशक श्रवण कुमार गोयल सहित अन्य खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के अनुरोध पर CBI ने जांच शुरू की और कई ठिकानों पर छापेमारी कर आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए। अब तक कुल 12 आरोपी जेल में बंद है।
 

TAGS
 
admin

Newsbaji

Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft