लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2026 की तैयारी शुरु हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव अब धीरे-धीरे निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा हैं। माना जा रहा है कि 2026 की शुरुआत से पंचायत चुनावी बिगुल बज जाएगा, और इसका सीधा असर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर पड़ने वाला है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने बताया कि, 18 जुलाई 2025 से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें ग्राम पंचायतों के सीमांकन, समायोजन और विलोपन जैसे तकनीकी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर्स) घर-घर जाकर मतदाता जानकारी एकत्र करेंगे और 1 जनवरी 2025 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा पहली बार मतदाता सूची में शामिल हो जाएगे।
ऐसा रहेगा पुनरीक्षण का शेड्यूल
मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत निर्वाचक गणना पत्रक के आधार पर परिवर्तन, संशोधन की अवधि 30 सितंबर से 06 अक्तूबर तक होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, किसी ग्राम पंचायत का आंशिक भाग अन्य ग्राम पंचायत या नगर निकाय में समाहित होने पर विलोपन एवं मतदाता सूची प्रिंट कराने की कार्रवाई और बीएलओ, पर्यवेक्षकों को कार्य आवंटन जानकारी, प्रशिक्षण के साथ स्टेशनरी वितरण 18 जुलाई से 13 अगस्त 2025 तक होगा। प्रदेश भर में बीएलओ घर-घर जाकर गणना, सर्वेक्षण, हस्तलिखित पांडुलिपि तैयार करने की अवधि के अलावा 01 जनवरी 2025 को 18 वर्ष आयु पूरी करने वाले अर्ह व्यक्तियों के नाम सूची में 14 अगस्त से 29 सितंबर 2025 तक जोड़े जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की अवधि 14 अगस्त से 22 सितंबर 2025 तक होगी। ऑनलाइन आवेदन फॉर्मों की घर-घर जाकर जांच प्रक्रिया 23 से 29 सितंबर 2025 तक की जाएगी।
नए वोटरों को जोड़ा जाएगा
01 जनवरी 2025 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं के दावे व आपत्तियां स्वीकार करने का कार्य 06 दिसंबर से 12 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। दावे व आपत्तियों का निस्तारण 13 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक होगा। सूचियों की कंप्यूटरीकरण की तैयारी व उन्हें मूल सूची में यथा स्थान सम्मिलित करने की कार्यवाही 24 दिसंबर से लेकर 08 जनवरी 2026 तक होगी। मतदाता सूची को डाउनलोड व उसकी फोटो प्रतियां तैयार करने का कार्य 09 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। वहीं अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।
नए परिसीमन के तहत यूपी में 512 ग्राम पंचायतें हुईं कम
यूपी पंचायत चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 'सेमीफाइनल' के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 57,695 ग्राम पंचायतों, 826 ब्लॉकों और 75 जिला पंचायतों में होने वाले ये चुनाव राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हाल ही में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा किया है, जिसके तहत 512 ग्राम पंचायतें कम कर दी गई हैं, अब कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। नए परिसीमन में प्रदेश के तीन जिलों में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें कम हुई हैं, जो चित्रकूट, आजमगढ़ और देवरिया शामिल है।
सत्ता का सेमीफाइनल
यूपी पंचायत चुनाव को केवल स्थानीय निकाय चुनाव समझना भूल होगी। यह चुनाव एक तरह से सत्ता का सेमीफाइनल बनकर सामने आ रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों को जमीनी ताकत आजमाने का यह पहला बड़ा मौका होगा। सत्तारूढ़ भाजपा जहां पंचायत स्तर पर अपने संगठन की मजबूती दिखाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल जैसे सपा, कांग्रेस, बसपा और आरएलडी इस चुनाव को अपने पुनरुत्थान का आधार बनाना चाहेंगे।
दुर्ग में मक्के के खेत के बीच उग रही थी अफीम, 5-6 एकड़ में फैली अवैध खेती का भंडाफोड़
पुलिस पूछताछ के बाद बिगड़ी हालत, ग्रामीण की मौत से बवाल, हाईवे पर घंटों जाम
बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन कार्य, 30 मार्च से 11 अप्रैल तक कई ट्रेनें रद्द
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft