जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के अंतर्गत चशोटी गांव में बादल फटने से अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी हैं और अभी 200 से ज्यादा लोग लापता है, जिनकी खोज के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है।
46 शवों में से 21 की पहचान, 160 लापता
अफसरों ने शुक्रवार को बताया कि, बादल फटने से प्रभावित चशोटी गांव से निकाले गए 46 शवों में से 21 शवों की पहचान कर ली है। किश्तवाड़ के सुदूर पहाड़ी गांव में गुरुवार को बादल फटने से आई भीषण बाढ़ में दो CISF जवान सहित 46 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि, मृतकों की पहचान के लिए, अधिकारियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रभावित परिवारों के साथ पीड़ितों की तस्वीरें साझा कीं है, जिसके कारण निकाले गए 46 शवों में से 21 की पहचान हो गई है। अब तक 160 से ज़्यादा लोगों को बचाया जा चुका है और उनमें से 38 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं, अफसरों का कहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि और लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि, हमने शवों की तस्वीरें उनके साथ साझा की हैं ताकि उनकी पहचान की जा सकें। उन्होंने आगे कहा कि बादल फटने के बाद लोग अपने परिवार के सदस्यों का पता लगाने के लिए फोन कर रहे हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
नियंत्रण कक्ष के लिए 05 अफसरों को ड्यूटी पर लगाया गया है। हेल्पलाइन के लिए प्रशासन ने कुछ नंबर जारी किए हैं। ये नंबर हैं: 7006463710, 9858223125, 6006701934, 9797504078, 8492886895 और 8493801381 है।
इस बीच, ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने चिनाब नदी में 10 शव तैरते हुए देखे हैं और उन्हें निकालने के प्रयास भी जारी हैं। वहीं, भूस्खलन और मलबे के साथ आई बाढ़ ने घरों, दुकानों और वाहनों को बर्बाद कर दिया।
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