नासिक। महाराष्ट्र में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने नासिक ज़िले के इगतपुरी स्थित रेनफॉरेस्ट रिसॉर्ट में चल रहे अवैध कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय रैकेट का खुलासा किया है। यह कॉल सेंटर अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों के नागरिकों को ठगने का काम करता था।
CBI ने पकड़ा लाइव ठगी का खेल
CBI ने 8 अगस्त 2025 को मुंबई निवासी छह निजी आरोपियों और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि आरोपी मिलकर अमेज़न सपोर्ट सर्विसेज कॉल सेंटर के नाम पर फर्जी कॉल कर विदेशी नागरिकों को गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगते थे। छापेमारी के दौरान CBI को कॉल सेंटर में काम कर रहे लगभग 60 ऑपरेटर मिलें, जिनमें डायलर, वेरिफायर और क्लोज़र शामिल थे। उस समय विदेशी नागरिकों से ठगी की प्रक्रिया लाइव चल रहा था।
करोड़ों रुपए व सामान बरामद
CBI की कार्रवाई में 44 लैपटॉप, 71 मोबाइल फोन, 1.20 करोड़ रुपए नकद, 500 ग्राम सोना और 01 करोड़ की 07 लग्जरी कारें बरामद हुईं है। डिजिटल साक्ष्यों के साथ लगभग 5000 USDT (5 लाख रुपए ) की क्रिप्टोकरेंसी और 2000 कनाडाई डॉलर (1.26 लाख रुपए) के गिफ्ट वाउचर भी पकड़े गए है। अब तक CBI ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें विशाल यादव, शेबाज़, दुर्गेश, अभय राज उर्फ राजा और समीर उर्फ कालिया उर्फ सोहैल शामिल है। मामले में अन्य आरोपियों और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
CBI अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा है, जो भारत से संचालित होकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था।
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