जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर में एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना हुई है। 14 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे, जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक AC स्लीपर बस थैयत गांव के पास अचानक आग की लपटों में घिर गई। बस में 57 यात्री सवार थे। आग इतनी भयावाह थी कि, बस पूरी तरह से जल गई और 20 लोग जिंदा जलकर मर गए। 16 लोग घायल हो गए, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
बस में कैसी लगी आग
जानकारी के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि, बस पीछे के हिस्से से जलने लगी, जैसे ही वो थैयत गांव के रास्ते पर थी। कई यात्री भागने के चक्कर में चलती बस से कूद पड़े। लेकिन आग की तपिश इतनी तेज थी कि लोग बच नहीं सकें। थैयत के ग्रामीणों और राहगीरों ने फौरन मदद की कोशिश की, लेकिन शवों को बस से निकालने में शाम तक वक्त लग गया।
फायर ब्रिगेड अधिकारी कृष्णपाल सिंह राठौर ने बताया कि, जब हमारी टीम पहुंची तो बस पूरी तरह आग की लपटों में थी। आग बुझा तो ली, लेकिन 10 से 12 यात्री जिंदा जल चुके थे। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है कि बस में आग कैसे लगी। बताया जा रहा कि, बस ओवरलोड थी। जिससे ये त्रासदी और दर्दनाक हादसा हो गया।
19 लोग तो मौके पर ही जिंदा जल गए
हादसा इतना भयावाह था कि, 19 लोग घटनास्थल पर ही जिंदा जल गए, जबकि एक घायल ने जोधपुर जाते वक्त दम तोड़ दिया। बाकी 16 घायलों में ज्यादातर के 70 फीसदी तक जलने के निशान हैं। कई की हालत नाजुक है। इन्हें पहले जैसलमेर के जवाहर गवर्नमेंट हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर जोधपुर रेफर कर दिया गया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने दुख जताते हुए जयपुर के सारे प्रोग्राम कैंसल कर दिए। हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के साथ स्पेशल प्लेन से जैसलमेर पहुंचे। वो साइट पर गए और बाद में जोधपुर जाकर घायलों से मिलें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 02 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार की मदद का ऐलान किया है।
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