दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान जल्द हो सकता है। बताया जा रहा है कि, 21 जुलाई 2025 से शुरू होने वाले लोकसभा के मानसून सत्र से पहले भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग सकती है। ऐसा पहली बार हुआ है कि भाजपा में जब किसी अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इतने लंबे समय तक नए अध्यक्ष का चयन नहीं हो सका है।
नए अध्यक्ष की राह कठिन
भाजपा अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। ऐसे में नए अध्यक्ष के लिए राह आसान नहीं होगी। पार्टी के नए अध्यक्ष के सामने 12 अहम चुनाव हैं। वर्ष 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव, 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने है। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, पंजाब, राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने का जिम्मा नए अध्यक्ष के कंधों पर ही होगा।
नड्डा का खत्म हो चुका है कार्यकाल
पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल जून 2024 में खत्म हो चुका है। वह अतिरिक्त विस्तार पर हैं। नड्डा भाजपा अध्यक्ष होने के साथ-साथ मोदी कैबिनेट के पद पर भी है। एक व्यक्ति एक पद के कारण भाजपा जल्द नए अध्यक्ष चुनने की तैयारी में है।
इन नामों पर लग सकती है मुहर
शिवराज सिंह चौहान
भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर शिवराज सिंह चौहान का नाम सबसे आगे चल रहा है। शिवराज मोदी सरकार में कृषि मंत्री हैं। वह चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह 6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। शिवराज का पार्टी संगठन में अच्छी पकड़ मानी जाती है। वह OBC वर्ग से आते हैं। RSS के साथ भी शिवराज के अच्छे संबंध हैं।
धर्मेंद्र पधान
वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री है। वह ओडिशा से आते हैं। जहां भाजपा ने पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद माने जाते हैं। वह OBC वर्ग से आते हैं। उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि ABVP से जुड़ी रही है। इसके अलावा सुनील बंसल और मनोहर लाल खट्टर के नाम भी अध्यक्ष पद के लिए दौड़ में शामिल है।
भाजपा के संविधान के हिसाब से, पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष वही व्यक्ति बन सकता है, जो कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का सदस्य रहा हो। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचक मंडल करता है। जिसमें राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और प्रदेशों के सदस्य शामिल रहते हैं। निर्वाचक मंडल में से कोई बीस सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति के नाम का संयुक्त रूप से प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले जिला संगठनों के चुनाव, प्रदेश संगठन और राष्ट्रीय परिषद के चुनाव होते हैं। संगठनात्मक दृष्टि से भाजपा ने देश को 36 राज्यों में बांट रखा है।
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