बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में ठगों का गिरोह इस तरह से हावी है कि अब वो पुलिस अधिकारियों को भी नहीं छोड़ रहे है और वो उनको भी अपना निशाना बना रहे है। एक ऐसा ही मामला बिलासपुर में सामने आया है, जहां ठग ने खुद को एएसपी बताकर जीआरपी में पदस्थ एएसआई से 35 हजार की रकम की ठगी कर ली। आरोपी ने चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करने के लिए एएसआई से मदद मांगी थी।
जानिए ठगी की पूरी कहानी
ASI विश्वनाथ चक्रवर्ती को मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को रायपुर का एडिशनल एसपी बताया और कहा कि, एक चोरी के मामले में आरोपी रायपुर में पकड़े गए है, जबकि उसका एक साथी ट्रेन से बिलासपुर आकर चोरी का सोना बेचने की कोशिश कर रहा है। ठग ने एएसआई से कहा कि, वह आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने में मदद करें और उससे सोना खरीदने का नाटक करें। एएसआई ने संपर्क किया तो एक लिंक और क्यूआर कोड भेज दिया। जिसे स्कैन कर एएसआई ने 35000 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
थोड़ी देर बाद जब उन्होंने फिर कॉल किया तो ठग के दोनों नंबर बंद थे। तब जाकर उन्हें अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद एएसआई जिले के तोरवा थाने पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर आगे की विवेचना में जुट गई है।
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