दुर्ग/रायपुर। छत्तीसगढ़ की केन्द्रीय जेलों में घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ली रही है। केंद्रीय जेल दुर्ग में एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक किशुन साहू धमधा इलाके के देवरी गांव का रहने वाला था। मृतक हत्या के मामले में वर्ष 2024 से जेल में बंद था। फिलहाल, पद्मनाभपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, मृतक विचाराधीन कैदी किशुन साहू ने जेल के अंदर चादर से फंदा बनाकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। उसका शव बैरक नंबर-20 के शौचालय में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। जब अन्य कैदियों से इस बात की जानकारी मिली तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। विचाराधीन कैदी किशुन साहू ने शौचालय में जाकर बेड सीट के कपड़े का फंदा बनाया और फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि, मृतक की कुछ दिन से तबियत खराब थी और जेल में ही उसका इलाज चल रहा था। पद्मनाभपुर थाने पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
पत्नी की गला दबाकर की थी हत्या
वर्ष 2024 को मृतक किशुन साहू और पत्नी कविता साहू के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इससे नाराज होकर मृतक किशुन ने जानवर को बांधने वाली रस्सी से उसका गला दबा दिया था। जब उसकी मौत हो गई, इसके बाद उसने शव को लकड़ी के म्यार से लटका दिया और खुद थाने जाकर सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने मृतक किशुन को पत्नी के हत्या के मामले गिरफ्तार का जेल भेज दिया था।
दुर्ग जेल में हुई मौतों के कुछ आंकड़ों पर एक नजर
- 01 अप्रैल 2015 को हत्या के मामले में जेल में बंद कैदी महावीर यादव की जेल में ही संदिग्ध मौत हो गई थी।
- 04 अगस्त 2016 को दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे कैदी अजय देवांगन की संदिग्ध मौत हो गई थी।
- 23 मार्च 2017 को दुष्कर्म के मामले में बंद कैदी सुनील सोनकर की जेल में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी।
- 20 सितंबर 2024 को गांजा तस्करी के मामले में जेल में बंद कैदी सुंदर की मौत तबीयत खराब होने से हो गई थी।
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