धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में डॉक्टर के घर फर्जी Icome Tax Officer बनकर Raid करने वाले गिरोह का खुलासा पुलिस ने किया है। धमतरी पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर महाराष्ट्र के नागपुर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बालोद, दल्लीराजहरा सहित अलग-अलग जगहों से 12 आरोपियों को पकड़ा है। बताया जा रहा कि, उन्हें डॉक्टर के घर 200 करोड़ रुपए रखे होने की खबर मिली थी, जिसके बाद ठगो ने योजना बनाकर छापेमार कार्यवाही की थी।
फर्जी IT अफसरों की पूरी कहानी
जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले के रत्नाबांधा में रहने वाले प्रार्थी डॉ दिलीप राठौर ने 12 दिसंबर 2025 को धमतरी सिटी कोतवाली थाने में मामले की शिकायत लिखवाई थी। उन्होंने बताया था कि, 17 नवंबर 2025 को करीब 11:30 बजे 6-7 व्यक्ति स्वयं को IT अफसर बताकर बिना किसी पहचान पत्र और बिना वैध तलाशी वारंट के घर में जबरन घुस आए थे। आरोपियों ने करीबन 2 से 2:30 घंटे तक घर के सभी कमरों, दराजों, आलमारियों और लॉकर की तलाशी ली। उस दौरान घर से बाहर निकलने नहीं दिया। तलाशी में कुछ न मिलने पर आरोपी दो कारों में बैठकर भाग गए। पूरी वारदात के बाद धमतरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु की।
गिरोह के सभी सदस्य सलाखों के पीछे
जिले के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। सायबर सेल के सहयोग से तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर टीमों को नागपुर (महाराष्ट्र), छत्तीसगढ़ के दुर्ग, रायपुर, बालोद, दल्लीराजहरा की ओर आरोपियों की तलाश के लिए रवाना किया गया। काफी तलाश और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर सभी आरोपियों को अलग-अलग जगहों से पकड़ कर धमतरी लाया गया, फिर सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की गई है। जानिए कौन-कौन लोग शामिल थे
200 करोड़ रुपए होने की थी खबर
पुलिस ने बताया कि, आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो सभी ने आरोप स्वीकार किया कि, उन्हें प्रार्थी के घर में 200 करोड़ रुपए रखे होने की सूचना थी। इसी सूचना के आधार पर आरोपियों ने आपस में संपर्क कर सुनियोजित षडयंत्र रचते हुए फर्जी IT अफसर की टीम का गठन किया और घटना को अंजाम दिया था। प्रार्थी ने घटना में शामिल आरोपियों की विधिवत सही पहचान की। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त कार आपसी संपर्क में उपयोग किए गए मोबाइल फोन एवं नकदी रखने के लिए प्रयुक्त जूट बोरी को विधिवत गवाहों के समक्ष जब्त किया गया।
पुलिस ने आम लोगों से की अपील
धमतरी पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि, किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के दौरान पहचान पत्र और वैध आदेश वारंट की अनिवार्य रूप से जांच कर लेंवे। किसी भी प्रकार से संदिग्ध गतिविधि की सूचना लगे तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें। जिससे फर्जी तरीके से ठगी करने वाले अपराधियों को पकड़ा जा सकें।
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