रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में एक आदिवासी ग्रामीण की कथित हत्या ने स्थानीय समुदाय में हलचल मचा दी है। छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस गंभीर घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखकर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
डॉ. महंत ने कहा कि, प्रशासन की कथित कार्रवाई में अत्यधिक बल प्रयोग के कारण निर्दोष आदिवासी की मृत्यु हुई और यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा, घायलों के उचित उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्र में लिखा कि, इस घटना से स्थानीय समुदायों एवं नागरिक समाज में गहरा आक्रोश एवं पीड़ा व्याप्त है तथा प्रशासनिक आचरण, जवाबदेही और मूलभूत मानवाधिकारों की रक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा है कि, तथ्यों की स्थापना, न्याय सुनिश्चित करने तथा कानून के शासन में जनविश्वास बनाए रखने हेतु एक व्यापक, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच अत्यंत आवश्यक है।
जानिए अभी तक क्या हुई कार्रवाई
बलरामपुर जिले में बुजुर्ग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्या के आरोप में SDM समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। रविवार देर रात डहरिया, सिंह, मंजीत और सुदीप एसडीएम के शासकीय वाहन में सवार होकर हंसपुर गांव की ओर रवाना हुए थे। जब वह गांव के करीब थे तब उन्होंने वहां ग्रामीणों पर बॉक्साइट का अवैध खनन कर परिवहन करने का आरोप लगाया और डंडे से उनकी पिटाई शुरू कर दी।
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