Saturday ,March 07, 2026
होमछत्तीसगढ़मानव और हाथी संघर्ष जारी, 1 महिला को कुचलकर मार डाला, पिछले 5 वर्षों में 303 लोगों ने गंवाई जान...

मानव और हाथी संघर्ष जारी, 1 महिला को कुचलकर मार डाला, पिछले 5 वर्षों में 303 लोगों ने गंवाई जान

 Newsbaji  |  Dec 08, 2025 09:19 AM  | 
Last Updated : Dec 08, 2025 09:19 AM
छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव संघर्ष लगातार जारी है, कोरबा जिले में एक बुजुर्ग महिला की मौत
छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव संघर्ष लगातार जारी है, कोरबा जिले में एक बुजुर्ग महिला की मौत

कोरबा। छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष एक बड़ी गंभीर समस्या बनी हुई है। पिछले 5 वर्षों (2019-2024) में 90 हाथी और 303 इंसान इस टकराव का शिकार हो चुके हैं। वन विभाग ने संघर्ष रोकने के लिए कई उपाय अपनाए, लेकिन वे कारगर साबित नहीं हो रहे है। एक बार फिर से कोरबा जिले के पसान रेंज ग्राम भर्रापारा में एक हाथी ने एक महिला की पटक कर जान ले ली है। 

70 वर्षीय महिला की मौत
जानकारी के अनुसार, शाम के समय महिला अपने घर के बाड़ी में धान की रखवाली कर रही थी। कटघोरा वन मंडल में इन दिन एतमानगर और पसान में 53 हाथियों का दल घूम रहा है। गांव के निकट जंगल में दल के विचरण से क्षेत्र भर में मिसाई का काम ठप हो गया है। प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल देखा जा रहा है। अभी धान कटाई के बाद किसानों ने फसल को खलिहानों में मिसाई के लिए रखा है। खेत में धान नहीं होने की वजह से अब दल खलिहान की ओर रूख कर रहे हैं। इसी कड़ी में पसान वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा हाथी शाम को गोलाबहरा के आश्रित ग्राम भर्रापारा आ पहुंचा। यहां खलिहान में इंद्रकुंवर 70 साल धान की रखवाली कर रही थी। उसके साथ एक अन्य महिला भी थी। हाथी को देखते दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन इंद्रकुंवर हाथी के पटककर मार डाला। 

हाथियों की बढ़ रही संख्या
कोरबा-सरगुजा वन मंडल में 3 साल पहले हाथियों की संख्या 48 थी, वह अब बढ़कर 82 तक पहुंच गई है। हाथियों की संख्या में वृद्धि से फसल नुकसान का दायरा भी बढ़ रहा है। मौसमी फसल होने के कारण किसान घाटे सहकर खरीफ की खेती तो कर रहे हैं, लेकिन रबी फसल दायरा सिमट रहा है। बताया जा रहा है कि, यह लोनर हाथी प्रेमनगर से डांड़गांव होते हुए उदयपुर वन परिक्षेत्र में पहुंचा है। हाथी दल से अलग होने के कारण यह तेजी से स्थान भी बदल रहा है। स्वभाव से आक्रामक होने के कारण वन विभाग को इसकी लगातार निगरानी करनी पड़ रही है।

किसान कर रहे रतजगा 
बताया जा रहा कि,कोरबा-सरगुजा वनमंडल क्षेत्र में 27 हाथियों का बड़ा दल सीतापुर होते हुए दोबारा लुंड्रा विकासखंड के जटासेमर इलाके में लौट आया है। हाथियों के एक बार फिर क्षेत्र में प्रवेश से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर है। हाथी शाम ढलते ही भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर खेतों और गांव की बस्तियों के किनारे तक पहुंच रहे हैं, जिससे फसलों और जान-माल को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

TAGS
 
admin

Newsbaji

Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft