दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से दिल वो दिमाग को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, 78 साल के बुजुर्ग ने सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन में अपनी व्यथा को कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे को बताई है। उन्होंने वो सब कुछ बताया जिससे उनकी परेशानी का हल निकाला जा सकें। आंखों में आंसू भरे बुजुर्ग पिता ने एक-एक कर सभी परेशानियों को बताया। आखिर किस तरह से उनका बेटा इस उम्र के पड़ाव में उनके साथ व्यवहार कर रहा है।
17 साल पहले पत्नी का हो चुका है निधन
बुजुर्ग ने बताया कि उसकी पत्नी का निधन 17 साल पहले हो चुका है। अब केवल उसके बेटे का ही सहारा बचा है। लेकिन बेटा किसी तरह की मदद नहीं करता है। बुजुर्ग होने के कारण अब काम करना संभव नहीं रहा। बेटा न तो आर्थिक रूप से मदद करता है और न ही मेरा ख्याल रखता है। बुजुर्ग ने यह भी बताया कि कुटुंब न्यायालय ने गुजारा भत्ता की राशि निर्धारित की थी, उसे भी नहीं देता। साहब इस लिए हमें बेटे से न्याय दिलवा दीजिए।
उन्होंने बताया कि, वे घर के एक कमरे में रहते हैं और बाकी के कमरों में बेटा अपने परिवार के साथ रहता है। कलेक्टर को बताया कि यदि वो गुजारा भत्ता न देंना चाहता हो तो कम से कम मकान का किराया दिलवा दीजिए। यदि बेटा मेरा मकान खाली कर दे तो किराए के पैसों से अपनी देखरेख कर पाऊंगा।
फिलहाल कलेक्टर ने बुजुर्ग की सारी बातों को ध्यान से सुना और एसडीएम दुर्ग को इस मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। पूरे मामले की जांच करके बुजुर्ग की मद्द करने का भी आश्वासन दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस, इंसान का इंसान से हो भाईचारा!
UP के मंत्री राजभर बोले- केन्द्र सरकार हमें बंदूक दे तो हम पाकिस्तान में घुसकर मारेगें
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft