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CBI ने 400 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में की पेश, CGPSC घोटाले में 13 आरोपियों को बनाया नामजद

 Newsbaji  |  Jan 03, 2026 10:17 AM  | 
Last Updated : Jan 03, 2026 10:17 AM
CBI ने  CGPSC घोटाले में फाइल चार्जशीट विशेष कोर्ट में पेश कर दी।
CBI ने CGPSC घोटाले में फाइल चार्जशीट विशेष कोर्ट में पेश कर दी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाले में CBI ने शुक्रवार को विशेष कोर्ट में करीब 400 पन्नों की फाइल चार्जशीट पेश कर दी है। चार्जशीट के मुताबिक पर्चा लीक कराने के बाद उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर और अफसर बनाने के लिए बारनवापारा को विशेष परीक्षा केंद्र बनाया गया था। जिसमें कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका रही। 

29 उम्मीदवारों को बनाया गवाह
चार्जशीट में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सोनवानी, परीक्षा नियंत्रक सहित कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। खास बात यह है कि, चार्जशीट के अंतिम हिस्से में कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर को भी आरोपी बनाया गया है। वहीं, परीक्षा में शामिल 29 उम्मीदवारों को इस मामले में गवाह के रूप में पेश किया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है। 

न्यायालय में पेश चार्जशीट के हिसाब से, भर्ती घोटाले को अंजाम देने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी। इसके तहत बारनवापारा को विशेष परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया। आरोप कि, यहां उम्मीदवारों के ठहरने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर द्वारा कराई गईं थी। चार्जशीट में इसका उल्लेख है।

नामजद आरोपी बनाए गए
CBI ने जिन आरोपियों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल की है, उनमें तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सोनवानी, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, टामन सोनवानी का भतीजा नितेश सोनवानी, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, शशांक गोयल, उसकी पत्नी भूमिका कटियार, साहिल सोनवानी, एक्जाम कंट्रोलर ललित गणवीर, दीपा अजगले आदिल, मीशा कोसले और उत्कर्ष चंद्राकर को शामिल किया गया हैं।

चार्जशीट में आगे कहा गया है कि, CGPSC-2020 के लिए तैयार किया गया प्रश्नपत्र एक वर्ष तक दबाकर परीक्षा नियंत्रक ने रखा था। इसकी कोई सरकारी एंट्री नहीं की गई और बाद में उसी प्रश्नपत्र का इस्तेमाल CGPSC-2021 की मुख्य परीक्षा में किया गया। यह प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था और इसकी जानकारी टामन सोनवानी के रिश्तेदारों को पहले से थी। इस लीक का खुलासा उनके भतीजे विनीत खेबर और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई वाट्सएप चैट से हुआ, जिसके आधार पर CBI ने जांच को आगे बढ़ाया था।

बता दे कि, CGPSC-2021 में 171 पदों पर भर्ती हुई थी। प्रारंभिक परीक्षा में 2565, मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवार पास हुए थे। इंटरव्यू के बाद 170 की चयन सूची का फाइनल किया गया था। 

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