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पार्किंग के 30 रुपए लेना पड़ा महंगा! अंबुजा मॉल को अब देने होंगे 55 हजार, फ्री पार्किंग का आदेश

 Newsbaji  |  Sep 29, 2026 03:07 PM  | 
Last Updated : Sep 29, 2026 03:07 PM
पार्किंग के 30 रुपए लेना पड़ा महंगा, अंबुजा मॉल को 55 हजार देने का आदेश
पार्किंग के 30 रुपए लेना पड़ा महंगा, अंबुजा मॉल को 55 हजार देने का आदेश

रायपुर। मॉल में पार्किंग के नाम पर लिए गए महज 30 रुपए का मामला अंबुजा मॉल प्रबंधन को भारी पड़ गया। राज्य उपभोक्ता आयोग ने अंबुजा सिटी सेंटर मॉल (अंबुजा नियोटिया) में पार्किंग शुल्क वसूली को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना है। आयोग ने जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश को बरकरार रखते हुए मॉल प्रबंधन को उपभोक्ताओं के लिए नि:शुल्क और सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

आयोग ने परिवादी को 50 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपए वाद व्यय, यानी कुल 55 हजार रुपए का भुगतान करने का भी आदेश दिया है।

30 रुपए की पार्किंग फीस से शुरू हुआ पूरा विवाद
मामला 15 जून 2025 का है। परिवादी अंजिनेश शुक्ला अपनी कार से अंबुजा मॉल पहुंचे थे। उनके अनुसार वे केवल अपनी माता को ड्रॉप करने के लिए मॉल गए थे। इसके बावजूद उनसे 30 रुपए पार्किंग शुल्क लिया गया। परिवादी ने नि:शुल्क ड्रॉप व्यवस्था की मांग की, लेकिन मॉल प्रबंधन ने ऐसी सुविधा उपलब्ध होने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम तक पहुंचा।

फास्टैग से पार्किंग शुल्क कटने पर भी सवाल
मामले में मॉल की पार्किंग व्यवस्था के साथ फास्टैग से स्वचालित रूप से पार्किंग शुल्क काटे जाने का मुद्दा भी उठाया गया। परिवादी की ओर से इस पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि फास्टैग के जरिए टोल राशि की वसूली अधिकृत संस्थाओं के दायरे में आती है।

अंबुजा मॉल की अपील आयोग ने की खारिज
राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने 24 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया। पीठ ने अंबुजा मॉल प्रबंधन की अपील को खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश को बरकरार रखा।

आयोग ने कहा कि, जब मॉल प्रबंधन दुकानों से बिजली, पानी, एस्केलेटर, लिफ्ट और सुरक्षा गार्ड जैसी सुविधाओं के लिए मेंटेनेंस चार्ज वसूल करता है, तो मॉल आने वाले उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और नि:शुल्क पार्किंग उपलब्ध कराना भी प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

45 दिन में 55 हजार देने होंगे, वरना ब्याज
आयोग ने मॉल प्रबंधन को 45 दिनों के भीतर 55 हजार रुपए परिवादी को भुगतान करने का आदेश दिया है। इसमें 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपए वाद व्यय शामिल हैं। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर आदेश की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

मॉल जाने वालों के लिए क्यों अहम है फैसला?
पार्किंग शुल्क को लेकर उपभोक्ताओं और मॉल प्रबंधन के बीच होने वाले विवादों के लिहाज से यह आदेश महत्वपूर्ण है। आयोग के निर्देश के बाद इस मामले में मॉल प्रबंधन को नि:शुल्क और सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी

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