कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। यहां पर कुछ दिन पहले प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी मौत हो गई थी। मां का साथ छूटने के बाद नवजात अपने रिश्तेदारों के पास था। लेकिन यह सिलसिला बहुत लंबा नहीं चल सका। कुछ समय बाद ही उसकी सांसें भी टूट गई। बच्चे की मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने पर परिजन काफी परेशान हुए। इस पूरे मामले में मीडिया की दखल के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की नींद टूटी, तब कहीं जाकर वाहन की व्यवस्था हो सकी।

जानकारी के मुताबिक, धर्मजयगढ़ की रहने वाली मृतका की जेठानी अमली बाई ने कई घंटों तक नवजात के शव को हाथों में थामे बैठी एंबुलेंस का इंतजार करती रही, लेकिन एंबुलेंस बुलाने के बावजूद भी समय पर नहीं पहुंची। बताया जा रहा है कि, 30 अक्टूबर को बच्चे की मां कलावती की मृत्यु गुरमा गांव में उसे जन्म देने के बाद हो गई थी।
घटना के बाद नवजात के पालन-पोषण के लिए रिश्तेदार उसे अपने पास रखे हुए थे। लेकिन बच्चे को मां का दूध नहीं मिल पा रहा था। परिजनों ने बताया कि मां की मौत होने के बाद बच्चे की तबियत अचानक खराब हो गई। जिसे जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया था। मंगलवार की सुबह 8 बजे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद शव को घर ले जाने के लिए सरकारी वाहन को फोन किया गया। लेकिन कई बार फोन करने के बाद भी वाहन सुबह से शाम होने के बाद भी नहीं पहुंचा।
स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाते परिजनों ने बताया कि, कलावती के प्रसव के दौरान भी समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाई थी, इस लिए कई तरह की समस्याएं हो गई थी। वहीं, महतारी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सर्विस के प्रमुख राज गेहानि से जब इस बारे में बातचीत की गई तो उनका कहना था कि केवल मां और बच्चे के ट्रांसपोर्टेशन की जिम्मेदारी हमारी होती है न कि डेड बॉडी ले जाने की।
इधर, नवजात के शव के साथ परेशान हो रहे परिजनों को देखकर मीडिया जब हरकत में आया और एंबुलेंस सेवा की लापरवाही के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को जानकारी दी गई। जिसके बाद आनन-फानन में मुक्तांजलि वाहन के जरिए बच्चे के शव को उसके घर भिजवाया जा सका।
बता दे कि, कोरबा में पिछले कई दिनों से एंबुलेंस सेवाओं की लापरवाही लगातार सामने आ रही है और इसे लेकर अलग-अलग तरह से स्वास्थ्य विभाग सफाई देने का प्रयास करता है। लेकिन सवाल इस बात का है कि आखिर सेवा प्रदान करने वाले अपनी जिम्मेदारी के प्रति उदासीन क्यों दिखाई दे रहे हैं।
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