दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर निकल कर आ रही है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिए अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि, स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अनुसार, तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं।

आगे उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा कि, इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान भारत की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व घातीय विकास को देखना और उसमें भाग लेना एक सौभाग्य और संतुष्टि की बात है। हमारे देश के इतिहास के इस परिवर्तनकारी युग में सेवा करना एक सच्चा सम्मान है।
जानिए कब बने थे उपराष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 11 अगस्त, 2022 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में जगदीप धनखड़ को भारत के उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई थी।
जानिए आगे क्या होगा?
उपराष्ट्रपति के पद को भरने के लिए औपचारिक चुनाव इस्तीफे के 60 दिनों के भीतर होना चाहिए। निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य शामिल होते हैं, जो एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का उपयोग करते हैं। संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर, राज्यसभा के उपसभापति उच्च सदन के कार्यवाहक सभापति के रूप में कार्यभार संभालते हैं। वर्तमान में, यह पद हरिवंश नारायण सिंह (अगस्त 2022 में नियुक्त) के पास है, जो अस्थायी रूप से इस पद को संभालेंगे।
उप राष्ट्रपति कब तक के लिए पद पर रहेगा
यदि उपराष्ट्रपति पद रिक्त हो जाए (निधन, इस्तीफा, अयोग्यता आदि से) और नया उपराष्ट्रपति चुना जाए तो वह नया उपराष्ट्रपति अपना पूरा 5 साल का कार्यकाल पूरा करता है, जो भी नया उपराष्ट्रपति चुना जाएगा, वह पिछले उपराष्ट्रपति (जैसे जगदीप धनखड़) की शेष अवधि पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि अपना नया 5 वर्षीय कार्यकाल शुरू करेगा।
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