दिल्ली। सड़क हादसे के बाद की कुछ ही मिनट जिंदगी और मौत के बीच की दूरी तय करती हैं। इसी ‘गोल्डन आवर’ को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने PM-RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना की शुरुआत की है। अब देश की किसी भी सड़क पर दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ित को हादसे की तारीख से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा, ताकि आर्थिक तंगी जीवनरक्षक उपचार में बाधा न बनें।
सरकार का कहना है कि, समय पर अस्पताल पहुंचाने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली करीब 50% मौतों को रोका जा सकता है। नई योजना इसी चुनौती से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
क्यों जरूरी है यह योजना?
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग 50% मौतें समय पर अस्पताल में भर्ती और इलाज मिलने से रोकी जा सकती हैं। दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। PM-RAHAT योजना का मुख्य उद्देश्य इसी महत्वपूर्ण समय में पीड़ितों को बिना आर्थिक बाधा के त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
डिजिटल सिस्टम से होगा संचालन
योजना का क्रियान्वयन दो प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण से किया जाएगा:
. eDAR (Electronic Detailed Accident Report) – सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का प्लेटफॉर्म
. TMS 2.0 (Transaction Management System) – नेशनल हेल्थ अथॉरिटी का सिस्टम
इन दोनों प्रणालियों के माध्यम से दुर्घटना रिपोर्टिंग से लेकर क्लेम निपटान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, समयबद्ध और पारदर्शी होगी।
अस्पतालों को भुगतान कैसे होगा?
इलाज का खर्च Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) से वहन किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत क्लेम का भुगतान 10 दिनों के भीतर अस्पतालों को सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे इलाज में किसी प्रकार की देरी न हो।
आर्थिक अभाव अब नहीं बनेगा बाधा
PM-RAHAT योजना यह सुनिश्चित करती है कि, सड़क दुर्घटना के बाद कोई भी पीड़ित केवल पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहें। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा बल्कि सड़क सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
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