जम्मू। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने हर तरफ तबाही मचा दी है। मंगलवार को जम्मू क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इससे कई जिलों में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और घरों के गिरने की कई घटनाएं सामने आई है। आपदा में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए है। बारिश के कारण वैष्णो देवी की यात्रा रोक दी गई। सड़कें और रेल लाइनें टूट गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया है। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वैष्णो देवी यात्रा पर रोक
भूस्खलन रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते में अर्द्धकुंवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय पर हुआ। अधिकारियों ने मौसम साफ होने तक तीर्थ यात्रा रोक दी है। राजस्थान के धौलपुर जिले के तीन युवक, प्रांशु मित्तल, शि बंसल और यश गर्ग मंदिर से लौटते समय बह गए है, जो अभी तक लापता है।
जम्मू-पठानकोट नेशनल हाइवे बंद
जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर विजयपुर के पास देवक नदी के पुल का एक खंभा गिर गया। SSP ट्रैफिक रूरल जम्मू गिरधारी लाल शर्मा ने कहा कि हमने जम्मू और कठुआ दोनों तरफ से ट्रैफिक रोक दिया है। इस राजमार्ग पर फिलहाल यातायात पूरी तरह से बंद है। सैकड़ों ट्रक और कारें फंसी हुई हैं। भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद है। बनि-बसोहली, बसोहली-मबनरू, महापुर-कठुआ और कियाला चक-रामकोटे सहित अंतर-जिला सड़कें भी कई जगहों पर बंद हैं। बजरी नाला के पास भूस्खलन से श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी मार्ग भी बंद हुआ।
इंटरनेट बंद
रेलवे प्रशासन ने 18 ट्रेनें रद्द कर दीं है, क्योंकि भूस्खलन से पटरियां क्षतिग्रस्त हो गईं है। जम्मू के कई हिस्सों में मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवाएं बंद हो गईं है। सांबा में बसंतर नदी, कठुआ में देवक नदी और पंजतीर्थी के पास तरनाह नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे नए सिरे से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
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