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पूर्व CM का निधन, किडनी की बीमारी से थे पीड़ित, 81 वर्ष की आयु में दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

 Newsbaji  |  Aug 04, 2025 10:42 AM  | 
Last Updated : Aug 04, 2025 10:42 AM
शिबू सोरेन का निधन, तीन बार रहे थे झारखंड के मुख्यमंत्री
शिबू सोरेन का निधन, तीन बार रहे थे झारखंड के मुख्यमंत्री

दिल्ली। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में सोमवार सुबह निधन हो गया। उनके बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस दुखद खबर की पुष्टि की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि, आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं, आज मैं शून्य हो गया हूं।

वहीं, सर गंगाराम अस्पताल की ओर से जानकारी दी कि, शिबू सोरेन को सोमवार सुबह 8:56 बजे मृत घोषित कर दिया गया। लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। वे किडनी की बीमारी से पीड़ित थे और डेढ़ महीने पहले उन्हें स्ट्रोक भी आया था। पिछले एक महीने से उन्हे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखकर इलाज हो रहा था। 

जानकारी के अनुसार, पूर्व सीएम शिबू सोरेन लंबे समय से अस्पताल में नियमित रूप से इलाज करा रहे थे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 24 जून को अपने पिता के अस्पताल में भर्ती होने पर कहा था। उन्हें हाल ही में यहां भर्ती कराया गया था। इसलिए हम उनसे मिलने आए थे। उनकी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की जा रही है। बता दे कि, शिबू सोरेन पिछले 38 वर्षों से झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता थे और उन्हें पार्टी के संस्थापक संरक्षक के रूप में जाना जाता है।

झारखंड की राजनीति के 'दिशोम गुरु'
वर्ष 1973 में उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया, जिसका उद्देश्य बिहार के जंगल और आदिवासी इलाक़ों से अलग झारखंड राज्य बनाना था। लगभग तीन दशकों के संघर्ष के बाद उनका उद्देश्य साल 2000 में हासिल हुआ था। वर्ष 1980 से 2019 तक दुमका सीट से चुनाव जीतकर सात बार लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2019 में उन्हें भाजपा उम्मीदवार सुनील सोरेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा वह तीन बार साल 2005, 2008-09 और फिर 2009-10 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

कोयला मंत्री रहे
शिबू सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक थे। वह यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान कोयला मंत्री रह चुके थे। हालांकि चिरूडीह हत्याकांड में नाम आने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रीमंडल से त्यागपत्र दे दिया था।
 

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