गुजरात। भारत में समय-समय पर राजनीतिक दलों की तरफ से लिए गए चंदे पर बवाल देखने को मिलता रहा है। कभी लेने वाले राजनीतिक दल कटघरे में खड़े होते तो कई बार चंदा देने वालों को लेकर सवाल किए जाते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है कि, गुजरात के 10 गुमनाम राजनीतिक दलों को पिछले 5 साल में 4300 करोड़ रुपए का चंदा मिला है। अब इसको लेकर राहुल गांधी ने तंज कसा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि का चंदा मिलना राजनीतिक चंदा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर तब, जब ये दल चुनावी राजनीति में बहुत सक्रिय या प्रभावशाली नहीं माने जाते हो। यह मामला एक बार फिर चुनावी चंदे के स्रोत और उपयोग को लेकर बहस छेड़ सकता है।
| दल | दान | खर्च | चुनाव में प्रदर्शन प्रत्याशी/वोट | खर्च (लाख रु) |
| लोकशाही सत्ता पार्टी | 1045 | 1031 | 4/3997 | 2.27 |
| भारतीय नेशनल जनता दल | 962 | 961 | 8/11496 | 2.83 |
| स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी | 663 | 73 | 6/11692 | 12.18 |
| न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी | 608 | 407 | 4/9029 | 1.61 |
| सत्यवादी रक्षक पार्टी | 416 | 416 | 2/1042 | 1.43 |
| भारतीय जनपरिषद | 249 | 247 | 15/14324 | 14.05 |
| सौराष्ट्र जनता पक्ष | 200 | 199 | 1/140 | 1.47 |
| जन मन पार्टी | 133 | 133 | 2/480 | 1.31 |
| मानवाधिकार नेशनल पार्टी | 120 | --- | 2/1887 | 0.82 |
| गरीब कल्याण नेशनल पार्टी | 138 | --- | 3/3979 | 3.27 |
(आंकड़े 2019 के, दान खर्च की राशि करोड़ रुपए में, मानवाधिकार पार्टी का 2019 से पहले का दान, लोकशाही का प्रदर्शन खर्च 2017 में।)
बडा सवाल यह है कि, इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद इन दलों की चुनावी मौजूदगी बेहद सीमित रही। इस अवधि में गुजरात में तीन बड़े चुनाव हुए, जिसमें वर्ष 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव और 2022 का विधानसभा चुनाव शामिल है। इनमें इन 10 दलों ने कुल 43 प्रत्याशी उतारे, जिन्हें मिलाकर सिर्फ 54,069 वोट हासिल हुए। निर्वाचन आयोग में जमा रिपोर्ट से सामने आया है कि इन दलों ने अपनी चुनाव रिपोर्ट में खर्च महज 39.02 लाख रुपए ही दिखाया है। लेकिन जब ऑडिट रिपोर्ट देखी गई तो उसमें 3500 करोड़ रुपए का खर्च दर्शाया गया है। बताया जा रहा कि, इतनी भारी-भरकम चंदा राशि और चुनावी प्रदर्शन में जमीन-आसमान का अंतर यह संकेत देता है कि राजनीतिक चंदे के जरिए कहीं न कहीं फंडिंग सिस्टम के दुरुपयोग का सक गहराता जा रहा है।
23 राज्यों से मिला चंदा
दरअसल, दस्तावेज़ जमा कराने के मामले में भी असमानता सामने आई है। BNJD, सत्यवादी रक्षक और जन-मन पार्टी ने सभी वर्षों की दोनों रिपोर्ट (चुनाव रिपोर्ट और ऑडिट रिपोर्ट) जमा करवाई हैं। वहीं मानवाधिकार नेशनल नामक दल ने एक भी रिपोर्ट दाखिल नहीं की है।
राजनीतिक दलों की सूची
भारतीय नेशनल जनता दल, लोकशाही सत्ता पार्टी, स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी, न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी, सत्यावदी रक्षक पार्टी, भारतीय जनपरिषद, सौराष्ट्र जनता पक्ष, जन मन पार्टी, मानवाधिकार नेशनल पार्टी, गरीब कल्याण पार्टी का नाम शामिल है।
दुर्ग में मक्के के खेत के बीच उग रही थी अफीम, 5-6 एकड़ में फैली अवैध खेती का भंडाफोड़
पुलिस पूछताछ के बाद बिगड़ी हालत, ग्रामीण की मौत से बवाल, हाईवे पर घंटों जाम
बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन कार्य, 30 मार्च से 11 अप्रैल तक कई ट्रेनें रद्द
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft