बीजापुर. बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी रीतेश चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे पकड़ लिया गया.
घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मुकेश के साथ पार्टी की थी और उसी दौरान कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या को नक्सली घटना की तरह दिखाने की साजिश की गई, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका. शव को फार्म हाउस के सेप्टिक टैंक में डालकर ऊपर से प्लास्टर कर दिया गया था. हालांकि अभी पुलिस का अधिकृत बयान सामने नहीं आया है.
हत्या को नक्सली घटना बनाने की कोशिश
बताया गया है कि हत्या के बाद आरोपियों की मंशा शव को जंगल में फेंककर नक्सली घटना का रूप देने की थी. नक्सली आमतौर पर कुल्हाड़ी या धारदार हथियार से इस तरह की हत्याएं करते हैं. लेकिन फार्म हाउस के आसपास की भीड़ और गहमागहमी के कारण वे शव को जंगल नहीं ले जा सके.
मजबूरी में शव को फार्म हाउस के सेप्टिक टैंक में डालकर ऊपर से प्लास्टर कर दिया. घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि हत्या पहले से योजनाबद्ध थी और वारदात के बाद आरोपी भागने की फिराक में थे.
मुकेश पर कुल्हाड़ी से किया गया था हमला
1 जनवरी को रात करीब आठ बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने मुकेश को फोन कर घर से बुलाया. आरोप है कि इसके बाद उसे फार्म हाउस ले जाया गया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसके साथ खाना खाया और शराब पी. इसी दौरान विवाद बढ़ा और मुख्य आरोपी रीतेश चंद्राकर ने मुकेश के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया. गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई. इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए फार्म हाउस के सेप्टिक टैंक का इस्तेमाल किया गया.
ऐसे पकड़ में आया रीतेश
मुख्य आरोपी रीतेश चंद्राकर हत्या के बाद दिल्ली भाग गया था. पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक करते हुए उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर धर दबोचा. आरोपी रायपुर जाने वाली इंडिगो फ्लाइट में यात्रा कर रहा था. पुलिस ने नाम और टिकट की जानकारी के आधार पर फ्लाइट में उसकी मौजूदगी की पुष्टि की. कल रात, रायपुर एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बीजापुर के लिए रवाना कर दिया.
पूर्व सीएम ने किया था सम्मान
मुकेश चंद्राकर, जो नक्सली और ग्रामीण मामलों की कवरेज के लिए प्रसिद्ध थे, ने 2021 में सीआरपीएफ जवान राकेश्वर मन्हास को नक्सलियों के कब्जे से छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके इस कार्य के लिए सम्मानित किया था. इस बीच, बस्तर आईजी सुंदरराज जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का विस्तृत विवरण साझा करेंगे.
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