बस्तर। बारिश से बस्तर को जोड़ने वाली किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन (केके) के अरकू रेलखंड में भूस्खलन की घटनाएं जारी हैं। मंगलवार शाम 5:00 बजे चिमड़ीपल्ली और बोर्रागुहालू स्टेशनों के बीच भूस्खलन से पहाड़ का मलबा पटरी पर आ गया था।
जानकारी के अनुसार, इस घटना के लगभग तीन घंटे बाद इसी क्षेत्र में चिमड़ीपल्ली और त्याडा स्टेशन के बीच सुरंग रेलपथ पर भी चट्टानें गिरने की घटना हुई है। बुधवार तड़के मलबा और चट्टानों को हटाकर लाइन बहाल करने में सफलता मिल गई, लेकिन मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों तक तूफान का असर बने रहने की आशंका जताई गई है। ऐसे में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। जिसे देखते हुए रेलवे द्वारा गुरुवार तक इस रेललाइन पर कोरापुट ओडिशा से कोत्तावालसा आंध्र प्रदेश तक रेल आवागमन बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
बता दें कि, तूफान को लेकर एक सप्ताह पहले से जारी अलर्ट को देखते हुए रेलवे ने इस रेललाइन पर सोमवार से ही यात्री ट्रेनों का परिचालन स्थगित कर दिया था। मंगलवार और बुधवार को मालगाड़ियों की आवाजाही भी बंद रही। मौसम खुलने पर शुक्रवार से विशाखापत्तनम-किरंदुल के बीच यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा सकता है।
रेल अधिकारियों का कहना था कि, मौसम खुलने के बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। मोंथा तूफान के प्रभाव से यहां बस्तर संभाग में भी पिछले दो दिनों से कुछ क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मंगलवार को दोपहर बाद बस्तर, सुकमा और बीजापुर जिले में बारिश हुई। बताया जा रहा है कि बारिश से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है।
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