कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा कबीरधाम जिले के वनांचल गांव में झोपड़ी में आग लगने से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कोरवा जनजाति के एक ही परिवार के 3 सदस्यों के जिंदा जलने से मौत हो गई है. मौके का जायजा लेकर पुलिस आशंका जता रही है कि अलाव से आग पकड़ी होगी और गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हुआ होगा. मामले की जांच की जा रही है.
घटना जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत माठपुर के आश्रित ग्राम नागाडबरा की है. यहां कोरवा जनजाति के 35 वर्षीय धराम पिता भोपसिंह अपनी पत्नी 32 वर्षीय हिरमतीन बाई और 12 वर्षीय पुत्र जोन्हू के साथ रहता था. गांव वालों ने पुलिस को बताया कि वे किसी के यहां कार्यक्रम में गए थे. वहां से रात 12 बजे के बाद लौटे थे.
ठंड होने के कारण उन्होंने रात में अलाव जलाया था. आशंका है कि अलाव जलाकर ही वे सो गए. वहीं अलाव की आग ने कमरे में रखे दूसरे सामानों को भी अपने दायरे में ले लिया. फिर पूरे घर में आग पकड़ ली होगी. वहीं पीएम उज्जवला योजना के तहत भरा हुआ गैस सिलेंडर तक भी आग पहुंच गई होगी. यही वजह रही कि सिलेंडर में तेज धमाका हुआ है. सुबह लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो सिलेंडर में ब्लास्ट से झोपड़ी और वहां रखे सामान इधर-उधर बिखर गए थे. शव भी जलकर राख हो गए थे और वे भी इधर-उधर हो गए थे.
बेटे का फंसा रहा शव
मौके का जायजा लेने के बाद पुलिस ने शवों को झोपड़ी से बाहर निकालने की कोशिश की. पति-पत्नी का शव तो निकाल लिया गया. वहीं बेटे का शव फंसा हुआ था, जिसे निकालने की कोशिश करते रहे. इसके बाद उनकी फोरेंसिक जांच पीएम की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी.
सिलेंडर का नहीं करते थे उपयोग
पता चला है कि उन्हें योजना के तहत गैस सिलेंडर का कनेक्शन मिला हुआ था. इसके बाद भी वे चूल्हे से ही खाना बनाते थे. ऐसे में गैस सिलेंडर में एलपीजी भरा हुआ ही था. तेज आंच से उसमें फैलाव होने से सिलेंडर के ब्लास्ट हुआ होगा. दूसरी आशंका इस बात को लेकर भी है कि सिलेंडर में पहले से ही रिसाव रहा होगा, जिससे आग तेजी से फैली होगी.
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