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कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बैठक, मैदानी मुद्दों को लेकर जमीनी लड़ाई की तैयारी, वरिष्ठ नेताओं के बीच हुआ मंथन

 Newsbaji  |  Dec 06, 2025 08:53 PM  | 
Last Updated : Dec 06, 2025 08:53 PM
प्रदेश नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की बैठक, नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने की तैयारी
प्रदेश नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की बैठक, नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने की तैयारी

रायपुर। राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की बैठक हुई है। इस बैठक में संगठनात्मक मजबूती के साथ जनता के मुद्दों को जमीनी लड़ाई लड़ने की तैयारी पर मंथन किया गया कि, आखिर कैसे भाजपा सरकार को घेरा जाए और उनकी खामियों को जनता तक पहुंचाया जाए। इस बैठक में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेताप्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहें। 

कांग्रेस SIR को बनाएगी मुद्दा
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बैठक में रणनीति बनाई गई है। इस महत्वपूर्ण विषय पर जिलाध्यक्षों की अलग से भी बैठक आयोजित की जाएगी, क्योंकि यह आने वाले महीनों में राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे रहेगा। बैठक में कांग्रेस की प्रस्तावित दिल्ली रैली ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ पर भी रणनीति तैयार की गई है और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे और इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

नए जिलाध्यक्षों का होगा प्रशिक्षण
उन्होंने आगे कहा कि, संगठन को मजबूत करने और वर्तमान सरकार के खिलाफ आक्रामक आंदोलन की रूपरेखा बनाई जा रही है। जिलाध्यक्षों ने आश्वासन दिया है कि, वे पार्टी के हर निर्देश पर खरे उतरेंगे और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक मजबूती पर खास ध्यान रखेंगे। नए जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग के लिए AICC जल्द तारीख तय करेगा। प्रशिक्षण किस स्थान पर होगा, इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके साथ ही कांग्रेस बिजली दरों, किसानों की समस्याओं, जमीन के गाइडलाइन रेट और मनरेगा को लेकर बड़े राज्यव्यापी प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरने की तैयारी में है।

बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी- बैज
दीपक बैज ने बताया कि, बैठक में सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष रहे जीवन ठाकुर की मौत का मुद्दा भी प्रमुखता से चर्चा किया गया। दीपक बैज ने कहा कि, ठाकुर को गंभीर धाराओं में जेल भेजा गया था और उनकी जमानत भी नहीं हो सकीं। उन्होंने, आरोप लगाया कि जेल में समय पर खाना और दवाई नहीं मिलने की वजह से उनकी मौत हुई, जिसके बाद आदिवासी समाज ने चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया। बैज ने चेतावनी दी कि यदि तहसीलदार या जेल अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज बड़ा आंदोलन कर सकता है। कांग्रेस भी इस मामले में अपनी जांच समिति बनाएगी और आगे की कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी।

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